Surya argya mantra

 सूर्य अर्घ्य मंत्र :- 

 

सूर्य को निम्नलिखित मंत्र बोल करके अर्घ्य प्रदान करें-

 

ऐही सूर्यदेव सहस्त्रांशो तेजो राशि जगत्पते।

अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणार्ध्य दिवाकर:।।

सूर्याय नम:, आदित्याय नम:, नमो भास्कराय नम:

अर्घ्य समर्पयामि।।

 

सूर्य ध्यान मंत्र :-

 

ध्येय सदा सविष्तृ मंडल मध्यवर्ती।

नारायण: सर सिंजासन सन्नि: विष्ठ:।।

केयूरवान्मकर कुण्डलवान किरीटी।

हारी हिरण्यमय वपुधृत शंख चक्र।।

ऊँ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यण्च हिरण्य़येन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन ।।


जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महाधुतिम।

तमोहरि सर्वपापध्‍नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम।।

।। सूर्य नमस्कार ।।


आदित्यस्य नमस्कारान् ये कुर्वन्ति दिने दिने।

आयुः प्रज्ञा बलं वीर्यं तेजस्तेषां जायते


जो लोग प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करते हैं, उनकी आयु, प्रज्ञा, बल, वीर्य और तेज बढ़ता है।


मित्राय नमः

रवये नमः सूर्याय नमः
भाणवे नमः
खगये नमः
पूषे नमः
हिरण्य गर्भये नमः
मरीचये नमः आदित्याय नमः
सवित्रे
नमः अर्काय नमः

भास्कराय नमः






सूर्यस्य पश्य श्रेमाणं योन तन्द्रयते।

चरश्चरैवेति चरेवेति...! 



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