सूर्य ग्रहण 2020
आज योग दिवस है और आज ही के दिन हमारी धरती सूर्य ग्रहण को भी ग्रहण कर रही है ।
देश में सूर्य ग्रहण या कोई भी ग्रहण एक उत्सव अथवा एक धार्मिक विचारों से बनाया जाता है
सूर्य ग्रहण होने से मानव जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है ।
आखिर ऐसा क्या है जो सूर्य ग्रहण का लाभ मनुष्य मात्र को ही मिलता है ।
कैसे संभव हो पाया ये ?
कैसे पता लगा की इंसान का जीवन ग्रहण के बाद परिवर्तित होता है ।
चलिए
जानते है इसे एवं विश्लेशण करते हैं इसका ।
सृष्टि के प्रारम्भ में जब मानव की आयु आज के संदर्भ में बहुत अधिक थी उसी काल में मानव मस्तिष्क से भी उतना ही शक्तिशाली था जितना की सम्पूर्ण शरीर से ।
मानव अपने मस्तिष्क से ऐसे अनेकों शोध करता था जो की मानवता के पक्ष में होते थे ।
उन्हीं में से एक शोध, उसका, हमारे सौरमंडल पर भी आधारित था ।
मानव सौरमंडल का हमेशा अध्ययन करता था । गौरतलब है कि उन दिनों आज जैसे आधुनिक साधन नहीं थे तथापि तब भी मानव नक्षत्रों ग्रहों के नामकरण कर चुका था ।
ऐसे में उसमें सोचने अथवा चिंतन करने की क्षमता भी विकसित हुई ऐसे काल में हुए परिवर्तनों को उसने भविष्य में मानव जाति का हित हो लिख कर रख लिया जिसे आज के सन्दर्भ में ज्योतिष भी कहते हैं ।
शब्दों का चयन साफ़ दिखाता है कि भाषा पे आपकी पकड़ क्या है. हो सकता दुनिया के लिए ये सिर्फ 1 solar eclipse हो हमारे लिए उससे बढ़कर है. हो सकता दुनिया के लिए ये हसी का पात्र है, लेकिन हमारे लिए हमारी संस्कृती ही सब कुछ है.
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